EMV CHIP CARD INFORMATION IN HINDI
EMV चिप कार्ड (ईएमवी चिप)
अगर, आपके पास बैंक का मैसेज पहुंचा है या सीधे नया चिप BASE एटीएम कार्ड पहुंच
गया है, तो आपके मन में बैंक की इस बात को
लेकर कुछ सवाल जरूर उठे होंगे। जैसे कि बैंक नए चिप BASE एटीएम कार्ड क्यों भेज रहा है?
नए चिप
बेस्ड कार्ड की क्या खासियत है? और पुराने एटीएम कार्ड का क्या
होगा, वगैरह-वगैरह। अगर आपके मन मैं भी ऐसे ही सवाल उठ रहे है तो ये पोस्ट आपके लिए ही
है।
आपके या
आपके घर के किसी सदस्य के पास डेबिट या एटीएम कार्ड जरूर होगा। उसे हाथ में लेकर
देखिए, अगर उसमें कोई चिप नजर आती है तो वह EMV Chip डेबिट कार्ड है और अगर पीछे की ओर सिर्फ काली
पट्टी है तो वह पुराना मैगस्ट्राइप डेबिट कार्ड है।
नए चिप BASE कार्ड (डेबिट कार्ड और क्रेडिट कार्ड) दरअसल एक मजबूत सुरक्षा
तकनीक के साथ बनाए गए हैं। इस तकनीक का नाम ही EMV technology है। इस तकनीक का नाम इसको डेवलप
करने वाली तीन company के नाम पर पडा है। ये तीनों संस्थाएं
हैं, Europay, MasterCard और Visa। तीनों payment की दुनिया में दुनिया में Famous है। तीनों के नाम का पहला-पहला अक्षर E, M और V को लेकर नई तकनीक का नाम दिया गया EMV
Technology। यह तकनीक पहले के magnetic पटि्टका (Magnetic Stripe) वाले एटीएम कार्ड की तुलना में कई सारे
सुरक्षा उपायों (Security Features) से युक्त होती है जो कि आपके लेन-देन
और व्यक्तिगत Detail आदि से संबंधित सूचनाओं को सुरक्षित
रखती है।
चुंबकीय पटि्टका (Magnetic Stripe) और EMV चिप कार्ड मे अंतर
आपके या
आपके घर के किसी सदस्य के पास डेबिट या एटीएम कार्ड जरूर होगा। उसे हाथ में लेकर
देखिए, अगर उसमें कोई चिप नजर आती है तो वह EMV Chip डेबिट कार्ड है और अगर पीछे की ओर सिर्फ काली
पट्टी है तो वह पुराना मैगस्ट्राइप डेबिट कार्ड है।
निचे आपको दो फोटो दिख रखी होंगी इससे
आपको स्पस्ट हो जायेगा की दो कार्ड की बनावट में क्या अंतर है
![]() |
| EMV CHIP CARD |
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| MAGNETIC STRIPE CARD |
EMV चिप कार्ड क्यों
आया ?
अपने कई बार सुना होगा की किसी ब्यक्ति के कार्ड का गलत इस्तेमाल
किया गया और उसकी जानकारी के बिना उसके अकाउंट से पैसे निकल लिए गए हो कई बार कुछ
जालसाल एटीएम मशीन में खास प्रकार की स्कैन
मशीन लगा देते है ये Machine आपके कार्ड को स्कैन करके आपका
सारा बैंक डाटा चुरा लेते है और उसके बाद जो होता है वो आपको पता ही है आपका अकाउंट
बैलेंस 0
पुराने
एटीएम कार्ड का डाटा चोरी करके फर्जी लेन-देन की घटनाओं पर लगाम लगाने के लिए
रिजर्व बैंक ने सभी भारतीय बैंकों को अपने ग्राहकों को सिर्फ चिप वाले और पिन युक्त
लेन-देन वाले एटीएम कार्ड (chip-based and PIN-enabled debit and credit
cards जारी करने
के निर्देश दिए!
ईएमवी चिप
डेबिट कार्ड का सबसे बड़ा फायदा है कि आपके कार्ड की क्लोनिंग कर उससे छेड़छाड़
संभव नहीं है। कई जालसाज एटीएम मशीन में स्कैनर लगाकर ग्राहकों के कार्ड का डेटा
चुराकर उनके अकाउंट से पैसे चुरा लेते थे। हालांकि अब ऐसा करना संभव नहीं होगा।
नए चिप बेस्ड एटीएम कार्ड
की विशेषताएं?
1.
EMV तकनीक वाले कार्ड में एक microprocessor chip लगा रहता है।
एटीएम कार्ड में सामने वाली साइड में, जिधर एटीएम कार्ड
का नंबर, ग्राहक का नाम, वैधता तिथि वगैरह अंकित रहते हैं, उधर ही यह पीतल के
रंग वाली चिप लगी दिखती है।
2.
एटीएम कार्ड में लगी microprocessor
chip ही कार्डधारक के अकाउंट, लेन-देन और उसके
व्यक्तिगत डिटेल को स्टोर रखती है। यह चिप बहुत उन्नत सुरक्षा तकनीक ईएमवी
टेकनॉलॉजी युक्त होती है। इसमें स्टोर की गई सूचनाओं को किसी डिवाइस की मदद से
चुराना (skimming वगैरह) बहुत मुश्किल
है।
3.
पुराने एटीएम कार्ड जोकि चुंबकीय पट्टी (Magnetic
Stripe) वाले होते थे, उनमें आपके अकाउंट व अन्य व्यक्तिगत डिटेल संबंधी सूचनाओं को encrypt नहीं किया
जा सकता था। नए ईएमवी तकनीक वाले कार्ड में आपका सारा डेटा encrypted होता है।
इसे अन्य उपकरणों के माध्यम से स्कैन या पढा नहीं जा सकता।
4.
EMV कार्ड से Contact-less Payment हो सकता है। इस तरीके में कार्ड को
स्वाइप मशीन (Point of Sale Terminal) में डालने की जरूरत नहीं है। बल्कि कार्ड
को मशीन के पास ले जाने भर से काम बन जाएगा। आप चाहें तो कार्ड के बजाए अपना पर्स
ही मशीन के पास ले जा सकते हैं। जब कार्ड मशीन के पास आता है तो वायरलेस
टेक्नोलॉजी की मदद से स्वाइप मशीन उस कार्ड से सूचनाओं का आदान-प्रदान कर
लेती है। इसी आधार पर पैसे का ट्रांसफर हो जाता है। वैसे आपको पिन नंबर तो डालना
ही पड़ेगा। सूचनाओं का ये आदान-प्रदान तभी होता है
जब कार्ड और मशीन के बीच 4 सेंटीमीटर से ज्यादा की दूरी नहीं हो।
5. ईएमवी चिप डेबिट कार्ड का सबसे
बड़ा फायदा है कि आपके कार्ड की क्लोनिंग कर उससे छेड़छाड़ संभव नहीं है। कई
जालसाज एटीएम मशीन में स्कैनर लगाकर ग्राहकों के कार्ड का डेटा चुराकर उनके अकाउंट
से पैसे चुरा लेते थे। हालांकि अब ऐसा करना संभव नहीं होगा।
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